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किसानों तक तकनीक पहुँचाने में विस्तार कर्मियों की भूमिका अहमः कुलपति

by Rajendra Joshi
January 30, 2026
in उधम सिंह नगर
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पंतनगर। 30 जनवरी 2026। समेटी-उत्तराखण्ड व प्रसार षिक्षा संस्थान, नीलोखेड़ी (हरियाणा) के तत्वाधान में “प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में प्रेरणा एवं संचार की भूमिका” प्रषिक्षण का आयोजन पंतनगर कृशि विष्वविद्यालय के प्रसार षिक्षा निदेषालय, में दिनांक 27-31 जनवरी, 2026 तक किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समेटी, पंतनगर (उत्तराखंड) में विस्तार शिक्षा संस्थान, नीलोखेड़ी (हरियाणा) के तत्वावधान में, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है। प्रषिक्षण के उद्घाटन अवसर पर कुलपति प्रोफेसर (डा.) मनमोहन सिंह चौहान ने प्रतिभागियों से कहा कि विष्वविद्यालय द्वारा कृशकोपयोगी अनेक तकनीक विकसित हैं, आप सभी का यह दायित्व है कि इन तकनीकों को किसानों के द्वार तक ले जायें और उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायें। उन्होंने कहा कि आपका सोचने और कार्य करने का तरीका और उन्हें खेतों में किस प्रकार लागू करते हैं, यही आपके कार्यकुशलता की पहचान है। उन्होंने कहा कि कृषि तकनीक तीव्र गति से बदल रही है, इसलिए विस्तार रणनीतियों में भी उसी अनुरूप बदलाव आवश्यक है। हमको पारंपरिक एवं ‘प्रदूषित सोच’ से ऊपर उठकर किसानों के साथ कार्य करने के तरीके और दृष्टिकोण-दोनों में बदलाव लाना होगा।


कुलपति ने कहा कि उत्तराखंड राज्य को बने लगभग 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, किंतु आज भी कई क्षेत्रों में पुरानी तकनीकों का प्रयोग हो रहा है। ऐसे में विस्तार कार्मिकों को यह सोचना होगा कि वे किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और क्या उनका कार्य वास्तव में किसानों के कल्याण में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने विषेश बल दिया कि वैज्ञानिक और कृशक समुदाय की दूरी को कम किए बिना तकनीक हस्तांतरण प्रभावी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अब कृषि विस्तार में बहुत बड़े बदलाव की आवश्यकता है। विस्तार कार्य को आजीविका संवर्धन एवं उद्यमिता विकास से जोड़ते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनाना होगा। उन्होंने राज्य के सभी विस्तार कार्मिकों से आह्वान किया कि वे कृषि एवं किसान कल्याण हेतु पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं नवीन कृषि तकनीकों के क्रियान्वयन पक्ष पर विशेष ध्यान दें। इस अवसर पर उनके नेतृत्व में सभी प्रशिक्षणार्थियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ भी ली। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त निदेशक, कृषि (कुमायूँ मण्डल) डा. पी.के. सिंह ने अधिकारियों से अपील की कि वे विभिन्न सरकारी योजनाओं व विभागीय कार्यक्रमों को कृषकों तक पहुँचाने का भरपूर प्रयास करें।


इस अवसर पर निदेशक, प्रसार शिक्षा, डा. जितेंद्र क्वात्रा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी तथा विस्तार कर्मियों से अपील की कि वे केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करें। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण समन्वयक, डा. बी.डी. सिंह, प्राध्यापक द्वारा समेटी-उत्तराखंड की प्रमुख उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। वहीं प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक डा. एस.आर. वर्मा ने प्रशिक्षण की विस्तृत रूप-रेखा प्रस्तुत करते हुए प्रसार शिक्षा संस्थान, नीलोखेड़ी की गतिविधियों पर प्रकाष डाला। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य के सभी जनपदों से आए कुल 35 मध्य स्तरीय विस्तार कार्मिक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञ, संसाधन व्यक्ति एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में ज्योति कनवाल, यंग प्रोफेशनल (द्वितीय), प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

Tags: GB Pant University

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