पंतनगर। 16 सितम्बर 2026। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान, मेरठ द्वारा संचालित अखिल भारतीय समन्वित पशु अनुसंधान परियोजना-फ्रिजवाल के अंतर्गत ग्राम बुक्सौरा स्थित कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, गदरपुर तथा ग्राम रावत नगर द्वितीय स्थित कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, पंतनगर में पशुपालकों एवं वैज्ञानिकों के बीच किसान चौपाल का आयोजन किया गया। दोनों स्थानों पर आयोजित किसान चौपाल का उद्घाटन पशु प्रजनन विभाग के प्राध्यापक एवं परियोजना अधिकारी डा. बृजेश सिंह ने किया।
इस अवसर पर उन्होंने पशुपालकों एवं परियोजना टीम के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए परियोजना के उद्देश्यों तथा इससे पशुपालकों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने पशुपालकों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया। ग्राम बुक्सौरा, गदरपुर में पशु प्रजनन विभाग के प्राध्यापक डा. ए.के. घोष ने पशु नस्ल से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान, नस्ल सुधार की तकनीकों तथा उन्नत पशुपालन के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
उन्होंने पशुपालकों को वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर पशुओं की नस्ल एवं उत्पादकता में सुधार करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, ग्राम रावत नगर द्वितीय, पंतनगर में पशु पोषण विभाग के सह-प्राध्यापक डा. रिपुसुदन कुमार ने पशु पोषण से संबंधित समस्याओं, संतुलित एवं पौष्टिक पशु आहार के महत्व तथा उत्तम पशु आहार तैयार करने की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य एवं उत्पादन में वृद्धि के लिए वैज्ञानिक पशु पोषण प्रबंधन अपनाने की सलाह दी।
किसान चौपाल के दौरान वैज्ञानिकों एवं पशुपालकों के बीच संवाद स्थापित किया गया तथा पशुपालकों की पशु प्रजनन, नस्ल सुधार एवं पशु पोषण से संबंधित समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम में पशुपालकों का पंजीकरण एवं सामग्री वितरण कु. आराधना फुलार द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद प्रस्ताव श्री शिवांशु तिवारी ने प्रस्तुत किया। किसान चौपाल में दोनों स्थानों पर कुल 48 पशुपालकों ने प्रतिभाग किया।






