पंतनगर। 11 अप्रैल 2026। विश्वविद्यालय की सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की एन.एस.एस. इकाई तथा डा. आंबेडकर चेयर के संयुक्त तत्वावधान में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती के अवसर पर समानता और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा ज्योतिराव फुले जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया, तत्पश्चात उनके सामाजिक सुधार, जाति उन्मूलन एवं महिला शिक्षा में योगदान पर संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया गया।
इसके उपरांत सामाजिक समानता, जातिगत भेदभाव और शिक्षा के महत्व जैसे विषयों पर भाषण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उनके विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया। एनएसएस स्वयंसेवकों ने ‘सामाजिक परिवर्तन में शिक्षा की भूमिका’ और ‘फुले का समानता का दृष्टिकोण’ विषयों पर डिजिटल पोस्टर प्रस्तुत किए, वहीं एक नाटक के माध्यम से जातिगत भेदभाव, लैंगिक असमानता और अशिक्षा जैसी समस्याओं को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।
महाविद्यालय की अधिष्ठात्री डा. अल्का गोयल ने एन.एस.एस. स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व की मजबूत भावना विकसित करते हैं। उन्होंने महात्मा ज्योतिराव फुले जी के समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के विचारों को समाज परिवर्तन की आधारशिला बताते हुए विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे असमानताओं के विरुद्ध सक्रिय भूमिका निभाएँ।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डा. संध्या रानी एवं डा. पूजा टम्टा, सहायक प्राध्यापिका ने छात्रों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा करते हुए उन्हें ज्योतिराव फुले जी के आदर्शों के अनुरूप सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन स्वयंसेवकों द्वारा समानता, न्याय और सभी के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने की शपथ के साथ हुआ, जो इस अवसर की सच्ची भावना को दर्शाता है।







