कृषि समिति, कृषि महाविद्यालय द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह “अदम्य” का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक गांधी हॉल में बड़े उत्साह, हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप उपस्थित रहे। उनके साथ ही विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के अनेक वरिष्ठ एवं गणमान्य अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई । विशिष्ट अतिथियों में डॉ. सुभाष चंद्र (अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय), डॉ. विपिन चंद्र ध्यानी (अधिष्ठाता छात्र कल्याण), डॉ. अलका गोयल (अधिष्ठाता, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय), डॉ. जे. पी. जायसवाल (निदेशक संचार), डॉ. अजीत कपूर (प्राध्यापक, उद्यान विज्ञान विभाग), डॉ. के. पी. रावेरकर (प्राध्यापक, मृदा विज्ञान विभाग) तथा सह-स्टाफ काउंसलर डॉ. रश्मि पंवार उपस्थित रहीं। इन सभी विभूतियों की प्रेरक उपस्थिति ने पूरे वातावरण को नई ऊर्जा और गरिमा प्रदान की।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों द्वारा ऊर्जा से ओत प्रोत विभिन्न संस्कृति कार्यक्रमों के मंचन को देख कर प्रसन्नता व्यक्त की तथा उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम एक टीम के रूप में कार्य करने का अवसर नहीं प्रदान करते बल्कि नेतृत क्षमता का विकास करते हैं। इस भव्य समापन समारोह से पूर्व, 3 मई से 16 मई के मध्य “अदम्य” के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का विस्तृत आयोजन किया गया।
“कृषि सप्ताह” के अंतर्गत आयोजित विभिन्न बौद्धिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजयी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि एवं अन्य अधिकारियों द्वारा पदक व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में अतिथियों ने विद्यार्थियों को निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने, अपनी अंतर्निहित प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
इसके अतिरिक्त, कृषि समिति की विभिन्न उप-समितियों एवं उनके कर्मठ सदस्यों को पूरे वर्ष उनके अद्वितीय समर्पण, उत्कृष्ट कार्यशैली एवं संस्थान के प्रति अमूल्य योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन न केवल एक उत्सव के अंत के रूप में हुआ, बल्कि यह विद्यार्थियों के दिलों में एक नई ऊर्जा, प्रेरणा और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने का दृढ़ संकल्प छोड़ गया।





