पंतनगर। 14 मार्च 2026। विश्वविद्यालय के 119वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी के दूसरे दिन मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी द्वारा मेले का फीता काटकर उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान, विधायक किच्छा तिलक राज बेहड़, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री राजेश कुमार, विश्वविद्यालय प्रबंध परिषद के सदस्य एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, महापौर नगर निगम रुद्रपुर विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अध्यक्ष मंडी परिषद अनिल डब्बू एवं निदेशक प्रसार एवं शिक्षा डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा मंचासीन थे।
मेले के उद्घाटन के पश्चात कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान द्वारा पुष्कर सिंह धामी को मेले में लगी उद्यान प्रदर्शनी तथा विश्वविद्यालय के महाविद्यालयों द्वारा लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनी के स्टॉलों का अवलोकन कराया गया। तत्पश्चात माननीय मुख्यमंत्री ने गांधी पार्क में गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि के क्षेत्र में होने वाले नवाचार, नए अनुसंधान और नई जानकारियों से किसानों को परिचित होने का अवसर ऐसे मेले प्रदान करते हैं, क्योंकि किसान मेले में एक ही स्थान पर किसानों को विभिन्न कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, आधुनिक यंत्रों और वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि किसान देश के अन्नदाता ही नहीं हैं, बल्कि देश के वीर सैनिकों के समान हैं और हमारे देश और समाज के असली नायक हैं, जो लगातार अपना खून-पसीना बहाकर देशवासियों को अन्न उपलब्ध कराने का कार्य करते हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिया है, उसमें किसान की बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। आज भारत का किसान पूरे आत्मविश्वास और ताकत के साथ अपना कार्य कर रहा है और किसानों की इसी ताकत से भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है, क्योंकि जब खेत समृद्ध होता है तो गाँव समृद्ध होता है और जब गाँव समृद्ध होते हैं तो देश स्वतः ही समृद्धि की ओर अग्रसर हो जाता है।

उन्होंने कहा कि आज देश भर के लगभग 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। असम से प्रधानमंत्री ने किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी की। उत्तराखंड राज्य को भी पच्चीस करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, किसान मानधन योजना, ड्रिप सिंचाई, डिजिटल कृषि मिशन सहित अनेक योजनाओं से किसानों को सशक्त बनाया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें अब तक लगभग 115 करोड़ रुपये की सहायता से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। गेहूं खरीद पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस तथा गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि की गई है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड क्लाइमेट रेसिलिएंट हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट, नई सेब नीति, कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, मशरूम एवं शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। राज्य में मशरूम उत्पादन 500 मीट्रिक टन से बढ़कर 27 हजार मीट्रिक टन से अधिक हो गया है तथा शहद उत्पादन 3300 मीट्रिक टन से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि “महक क्रांति नीति 2026–2036”, एरोमा पार्क काशीपुर, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, सहकारिता किसान कल्याण योजना, तथा आईटीबीपी के साथ एमओयू जैसे कदम किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे।
कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि वर्ष में दो बार किसान मेला आयोजित किया जाता है, जिससे किसानों को नवीन तकनीकी जानकारी मिलती है। इस बार नवाचार पर विशेष स्टॉल लगाया गया है तथा वैज्ञानिक मंच बनाया गया है, जहाँ किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभिन्न कृषि साहित्य का विमोचन किया गया तथा उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के 9 प्रगतिशील कृषकों एवं 2 कृषि उद्यमियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कुलसचिव, अधिष्ठाता, वैज्ञानिक, किसान, विद्यार्थी, अधिकारी, विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि तथा उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों और नेपाल से आए किसान उपस्थित थे।








