Retail
  • देश
  • राज्य
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • हिमाचंल प्रदेश
    • हरियाणा
    • महाराष्ट्र
  • उत्तराखंड
    • कुमाऊं
      • अल्मोड़ा
      • चम्पावत
      • उधम सिंह नगर
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • बागेश्वर
    • गढ़वाल
      • उत्तरकाशी
      • चमोली
      • देहरादून
      • टिहरी गढ़वाल
      • पौड़ी गढ़वाल
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
  • राजनीति
  • धर्म संस्कृति
  • शिक्षा/रोजगार
  • वायरल
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • दुनिया
  • संपादकीय
No Result
View All Result
  • देश
  • राज्य
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • हिमाचंल प्रदेश
    • हरियाणा
    • महाराष्ट्र
  • उत्तराखंड
    • कुमाऊं
      • अल्मोड़ा
      • चम्पावत
      • उधम सिंह नगर
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • बागेश्वर
    • गढ़वाल
      • उत्तरकाशी
      • चमोली
      • देहरादून
      • टिहरी गढ़वाल
      • पौड़ी गढ़वाल
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
  • राजनीति
  • धर्म संस्कृति
  • शिक्षा/रोजगार
  • वायरल
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • दुनिया
  • संपादकीय
No Result
View All Result
 devbhoomi samiksha logo
No Result
View All Result

गवाह को धमकी मिलना मुकदमे के स्थानांतरण का आधार नहीं, हाईकोर्ट ने कहा- गवाह संरक्षण कानून का करें उपयोग

by Rajendra Joshi
July 10, 2026
in उत्तराखंड, खबर हटकर, ट्रेंडिंग खबरें, ताज़ा ख़बरें, नैनीताल, न्यूज़, सोशल मीडिया वायरल
0
-
ADVERTISEMENT

मामला हत्या, शस्त्र अधिनियम में दर्ज एक आपराधिक मुकदमे से जुड़ा था, याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मुकदमा दूसरे न्यायालय में स्थानांतरित करने को कहा था-

नैनीताल:उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा कि केवल गवाहों को धमकी मिलने आरोप के आधार पर किसी आपराधिक मुकदमे को एक अदालत से दूसरी अदालत में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता. यदि गवाहों की सुरक्षा के लिए कानून में व्यवस्था उपलब्ध है, तो पहले उसी का सहारा लिया जाना चाहिए.

धमकी मिलने के आधार पर आपराधिक मुकदमे को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की याचिका:न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 407 के तहत दायर एक स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. साथ में कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है. मामला हत्या और शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज एक आपराधिक मुकदमे से जुड़ा था. याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि देहरादून के जिला एवं सत्र न्यायालय में लंबित मुकदमे को हरिद्वार के सक्षम न्यायालय में स्थानांतरित किया जाए.

हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की:याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि आरोपी और उसके परिवार का आपराधिक इतिहास है. वे लगातार उसे और उसके परिवार को मुकदमा आगे बढ़ाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं. यह भी आरोप लगाया गया कि 10 फरवरी, 2023 को अदालत परिसर में प्रत्यक्षदर्शी गवाह को भी धमकाया गया. इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और स्थानीय पुलिस को सूचना देने के बाद भी उन्हें सुरक्षा नहीं दी गयी. उन्हें जानमाल का खतरा उत्पन्न हो गया है. कभी भी उनके साथ अप्रिय घटना घटित हो सकती है. इसलिए उनके मुकदमे को स्थानांतरित किया जाए.

सरकार ने पेश की रिपोर्ट:पूर्व में कोर्ट ने सरकार से इस पर रिपोर्ट पेश करने को कहा था. पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया कि याचिकाकर्ता का बयान 9 जनवरी 2023 को अभियोजन के पहले गवाह के रूप में दर्ज किया जा चुका है. इसके अलावा अभियोजन के दो अन्य गवाहों की भी गवाही हो चुकी है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सुनवाई के दौरान न तो याचिकाकर्ता और न ही किसी अन्य गवाह को धमकी दिए जाने की जानकारी याचिकाकर्ता द्वारा न्यायालय को दी गयी.

हाईकोर्ट ने कहा सुरक्षा के लिए कानूनी व्यवस्था पहले से ही मौजूद:उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि उत्तराखंड गवाह संरक्षण अधिनियम 2020 में गवाहों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था मौजूद है, ताकि वे बिना किसी भय के अदालत में गवाही दे सकें. यह भी कहा कि अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत कोई भी गवाह सक्षम प्राधिकारी के समक्ष सुरक्षा के लिए आवेदन कर सकता है. इसके बाद संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक से खतरे का आकलन कराने वाली रिपोर्ट प्राप्त की जाती है. यदि तत्काल खतरे की स्थिति हो, तो अंतिम निर्णय से पहले अंतरिम सुरक्षा भी प्रदान की जा सकती है.

मुकदमा ट्रांसफर नहीं करने का कारण बताया:जब अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत गवाहों को सुरक्षा देने की व्यवस्था पहले से मौजूद है और याचिकाकर्ता का बयान भी 9 जनवरी, 2023 को अभियोजन के पहले गवाह के रूप में दर्ज किया जा चुका है, तो इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं बनता. मामले को स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है.

Related Posts

-
उत्तरकाशी

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं सेवा संकल्प सभा में किया प्रतिभाग

-
उधम सिंह नगर

विश्व कपास दिवस पर बंधेज कला प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

-
उधम सिंह नगर

पुरस्कार वितरण के साथ सम्पन्न हुआ 120वां अखिल भारतीय किसान मेला

-
उधम सिंह नगर

एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाले बॉक्सर कपिल पोखरिया ने मुख्यमंत्री धामी से की भेंट

Load More
Next Post
-

WhatsApp पर आ रहा नया फीचर, अब आप कभी भूल नहीं पाओगे दोस्तों का बर्थडे!

300x250 Top
300x600 Middle
Currently Playing
Currently Playing
  • About
  • Contact Us
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Dev Bhoomi Samiksha All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • देश
  • राज्य
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • हिमाचंल प्रदेश
    • हरियाणा
    • महाराष्ट्र
  • उत्तराखंड
    • कुमाऊं
      • अल्मोड़ा
      • चम्पावत
      • उधम सिंह नगर
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • बागेश्वर
    • गढ़वाल
      • उत्तरकाशी
      • चमोली
      • देहरादून
      • टिहरी गढ़वाल
      • पौड़ी गढ़वाल
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
  • राजनीति
  • धर्म संस्कृति
  • शिक्षा/रोजगार
  • वायरल
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • दुनिया
  • संपादकीय

© 2024 Dev Bhoomi Samiksha All Rights Reserved