पंतनगर, 7 अक्टूबर 2026। विश्व कपास दिवस के उपलक्ष्य में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं ने रावे कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम सभा दुमका बांगर (बच्ची धर्मा) के सिंघल फार्म एवं गोपीपुरम में एक-दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण महिलाओं को बंधेज कला एवं कपड़ों की रंगाई की विभिन्न उन्नत तकनीकों का आकर्षक और व्यावहारिक प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में नए कौशल विकसित कर स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देना रहा।
विद्यार्थियों ने ग्रामीण महिलाओं को कपास की उपयोगिता और महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार कपास से धागा तैयार किया जाता है और उससे विभिन्न प्रकार के वस्त्र निर्मित किए जाते हैं। इसके साथ ही बंधेज कला की विभिन्न विधियों को विस्तार से समझाया गया तथा कपड़ों की रंगाई की तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रंगाई एवं बंधेज की तकनीकों को सीखने में विशेष रुचि दिखाई। प्रतिभागियों ने विद्यार्थियों द्वारा दी गई जानकारी और व्यावहारिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण महिलाओं के लिए उपयोगी एवं रोजगारपरक पहल बताया।
यह कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी, प्रसार शिक्षा एवं संचार प्रबंधन विभाग एवं कोर्स इंचार्ज (रावे) डा. अनुपमा पांडे तथा डा. मोनिका खोलिया के मार्गदर्शन और देख-रेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने ग्रामीण समुदाय तक उपयोगी कौशल एवं तकनीकी जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ पारंपरिक बंधेज कला को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया।







