पंतनगर। 12 जून 2026। देश के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद् एवं संस्थान निर्माता डॉ. प्रेम लाल गौतम को कृषि विज्ञान, जैव विविधता संरक्षण तथा किसानों के अधिकारों के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया है। वर्तमान में वे डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (चांसलर) हैं।
डॉ. गौतम गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति के रूप में 18 जून 2002 से 11 अक्टूबर 2007 तक कार्यरत रहे। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। वर्ष 2006 में उनके कार्यकाल के दौरान पंतनगर विश्वविद्यालय को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का प्रतिष्ठित सरदार पटेल उत्कृष्ट कृषि संस्थान पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह सम्मान विश्वविद्यालय को दूसरी बार प्राप्त हुआ, जो संस्थान की शैक्षणिक एवं अनुसंधान उत्कृष्टता का प्रमाण है वे गेहूं प्रजनन (व्हीट ब्रीडिंग) के क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक रहे हैं तथा उन्होंने विश्वविद्यालय के आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर एवं रानीचौरी स्थित पर्वतीय परिसर में संयुक्त निदेशक शोध के रूप में भी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं।

डॉ. गौतम ने फसल सुधार, जैव विविधता संरक्षण तथा किसानों के अधिकारों को सुदृढ़ करने में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने अनेक उन्नत फसल किस्मों के विकास में योगदान दिया तथा भारत में पादप जर्मप्लाज्म पंजीकरण प्रणाली की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाए।
पद्मश्री सम्मान से सम्मानित होना न केवल डॉ. गौतम की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पंतनगर विश्वविद्यालय और समूचे कृषि वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी गर्व का विषय है। विश्वविद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. गौतम का जीवन और कार्य कृषि अनुसंधान, नवाचार तथा किसानों के कल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है।





