पंतनगर। 1 मई 2026। पंतनगर कृषि विष्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर षिवेन्द्र कुमार कष्यप द्वारा विष्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को गांधी हाल सभागार में संबोधित किया गया। छात्राओं को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम उन्होंने पंतनगर विष्वविद्यालय की विषेताओं के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न पहलुओं पर प्रकाष डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में व्यक्तिगत अनुषासन का बहुत महत्व है और परिवार के संस्कारों का इसमें अहम भूमिका होती है। विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ अन्य सार्थक गतिविधियों जैसे खेल-कूद, व्यायाम, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी नियमित रूप से प्रतिभाग करना चाहिए, जिससे कि व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है और इससे उच्च षिक्षा विषेष रूप से विदेषाों में प्रवेष पाने हेतु शैक्षणिक क्षमता के साथ एक्सट्रा क्यूरिकुलर एक्टीविटीस का बहुत महत्व होता है।

अतः प्रसन्न मन से अध्ययन के साथ अन्य सार्थक गतिविधियों में प्रतिभाग कर ज्ञान और कौषल क्षमता दोनों में वृद्धि कर अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विष्वविद्यालय में प्रवेष प्राप्ति के बाद विद्यार्थियों की सारी जिम्मेदारी कुलपति की होती है। अतः विद्यार्थियों को तनाव रहित होकर अध्ययन का कार्य सुचारू रूप से करना चाहिए। पंतनगर विष्वविद्यालय में एडवाइजरी सिस्टम एक अनूठी व्यवस्था है और एडवाइजर विद्यार्थियों का ख्याल रखते है और विद्यार्थियों को चाहिए कि नियमित रूप से अपने एडवाइजर से मिलते रहे। पंतनगर विष्वविद्यालय में विद्यार्थियों सर्वांगीण विकास के लिए सभी मूल-भूत सुविधाएं यथा स्टेडियम, फिटनेष सेंटर तथा सांस्कृतिक एवं अन्य कार्यक्रमों हेतु विभिन्न समितियां उपलब्ध है। छात्राओं के छात्रावासों में सभी मूल-भूत सुविधाएं उपलब्ध है तथा उनके जीवन को और सरल बनाने के लिए भविश्य में भी अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जायेगी।
कुलपति ने कहा कि छात्राओं को अपने महाविद्यालय तक ही सीमित न रह कर विष्वविद्यालय के अन्य महाविद्यालयों, विभिन्न शोध केन्द्रों एवं प्रयोगषालाओं का भी भ्रमण करना चाहिए। इससे उनके अन्दर नवाचार की भावना पैदा होती है। उन्होंने कहा कि आई.आई.टी. एवं आई.आई.एम. में स्नातक डिग्री कार्यक्रम में दूसरे साल से ही विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट वर्क की आदत डाल दी जाती है जिससे कि उनकी प्रोफाइल अच्छी हो जाती है और उनको विदेष में उच्च षिक्षा हेतु प्रवेष प्राप्त करने में सरलता से सफलता प्राप्त हो जाती है। इस दिषा में यहां पर भी प्रयास करने की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि पंतनगर अपने आप में एक अवसर है और स्नातक डिग्री के चार वर्ष का कार्यकाल जीवन को एक सकारात्मक रूप देने के लिए र्स्वणिम समय काल है। उन्होंने कहा कि विष्वविद्यालय के सभी छात्राओं की छात्रावासों में सायंकाल में प्रवेष के लिए एक ही समय होना चाहिए और इसका निर्धारण अधिष्ठाता छात्र कल्याण द्वारा किया जाना चाहिए। सभी छात्रावासों में पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था, वासिंग मषीन की व्यवस्था सुनिष्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी उत्सापूर्वक रहे तथा एक कारपोरेट कल्चर के साथ पंतनगर के प्रांगण में अपना सर्वांगीण विकास सुनिष्चित कर भविष्य उज्जवल बनाये।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में सर्वप्रथम कुलसचिव डा. दीपा विनय द्वारा कुलपति का स्वागत करते हुए उनके जीवन परिचय एवं उपलब्धियों के बारे में छात्राओं को अवगत कराया गया। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण, संचार निदेषक, विभिन्न छात्रावासों के वार्डन एवं सहायक वार्डन उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव द्वारा कुलपति एवं अन्य उपस्थितजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।







