- दीक्षारंभ में बिखरा छात्रों का हुनर और विशेषज्ञों का ज्ञान
- विभिन्न ज्ञानवर्धक गतिविधियों के ज़रिये छात्रों का उत्साहवर्धन
विकास यात्रा के पथ पर कदम बढ़ाते हुए नए छात्रों ने क्वांटम यूनिवर्सिटी के ‘दीक्षारंभ 2026’ में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने छात्रों को चुनौतियों से लड़ने और सफलता हासिल करने का मन्त्र प्रदान किया। वहीं, छात्रों ने भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान अपने हुनर का प्रदर्शन करते हुए ‘दीक्षारंभ 2026’ को यादगार बना दिया।
रूड़की स्थित क्वांटम यूनिवर्सिटी में विभिन्न स्कूलों में प्रवेश लेने वाले नए छात्रों के लिए त्रिदिवसीय ‘दीक्षारंभ 2026’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। ‘दीक्षारंभ’ के दौरान स्कूल ऑफ बिजनेस, स्कूल ऑफ़ टेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ हैल्थ साइंस, होटल मैनेजमेंट, लॉ, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज, मीडिया स्टडीज़ इत्यादि में नए छात्रों को शैक्षणिक माहौल से रूबरू कराने, विशेषज्ञों की देखरेख में चुनौतियों से लड़ने सहित हैंड्स ऑन एक्टिविटीज के ज़रिये नए छात्रों ने सफलता के मन्त्र हासिल किये। वहीं, विभिन्न कार्यशालाओं के दौरान छात्र उत्साहित नज़र आये। बात चाहे विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तकनीकी विशेषज्ञाें की कार्यशाला की हो या फिर स्वास्थ्य विज्ञान से संबंधित विषयों पर मार्गदर्शन देने की, विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित इंडस्ट्री एक्सपर्ट के अनुभव साझा करने की हो या फिर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुख सलाहकारों का विश्लेषण, एंटी रैगिंग स्क्वायड द्वारा जागरूकता अभियान की हो या फिर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम छात्रों ने ‘दीक्षारंभ’ में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं, ‘दीक्षारंभ’ के शुभारंभ पर क्वांटम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. विवेक कुमार ने साथ ही आयोजित विभिन्न सत्रों में डीआरडीओ के विशेषज्ञ श्री शंभू शर्मा, बहराइन पॉलिटेक्निक के डॉ. शाहनवाज खान, उत्तराखंड संस्कृति विवि के पर्यावरण विज्ञान के आचार्य डॉ. विनय सेठी, जी.बी. पंत विवि, पंतनगर के वैज्ञानिक प्राे. नीलकांत इत्यादि विशेषज्ञों ने छात्रों को अपना लक्ष्य हासिल करने के आवश्यक गुर सिखाये। इस दौरान विभिन्न संकायों के एल्युमिनी सदस्यों ने शिक्षा और आधुनिक तकनीक के बेहतरीन तालमेल के साथ आगे बढ़ने का मंत्र प्रदान किया।
छात्रों को शोध एवं नवाचार, उद्योग सहयोग, प्रशिक्षण एवं रोजगार, कौशल विकास कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और विभिन्न परियोजनाओं में भाग लेने के अवसरों की जानकारी दी गई। उन्हें अपनी रुचि के अनुसार इन गतिविधियों में भाग लेने और अध्ययन के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी को भी विश्वविद्यालय जीवन का हिस्सा बताया गया। ‘दीक्षारंभ’ के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विवेक कुमार ने कहा कि नए छात्रों में ‘दीक्षारंभ’ के माध्यम से एक नए जोश का आग़ाज़ हुआ है। उम्मीद है कि ‘दीक्षारंभ 2026’ छात्रों को उन्नति के पथ पर आगे बढ़ने में मदद करेगा






