पंतनगर, 26 मार्च 2026। विकसित भारत अभियान (Government of India) के अंतर्गत गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में ‘एजी टेक्नोथॉन 2026’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन अधिष्ठाता स्नातकोत्तर शिक्षा डा. लोकेश वार्ष्णेय के नेतृत्व में किया गया।
इस आयोजन में कुल 24 टीमों ने प्रतिभाग किया, जिन्होंने कृषि एवं ग्रामीण भारत से संबंधित विभिन्न नवाचारपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने कृषि तकनीक, सतत खेती, मूल्य संवर्धन, ग्रामीण उद्यमिता तथा डिजिटल कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने मॉडल एवं समाधान प्रस्तुत किए। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद 10 उत्कृष्ट टीमों का चयन किया गया, जिन्हें आगे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान रहे, जिन्होंने छात्रों के अभिनव विचारों की सराहना की तथा विजेता टीमों एवं आयोजन समिति को सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हैं और भारत को कृषि नवाचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर तथा अमेरिका के पुरड्यू यूनिवर्सिटी के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया जिसमें पुरड्यू यूनिवर्सिटी की ओर से डा. गेराल्ड शिवले, एसोसिएट डीन इंटरनेशनल प्रोग्राम तथा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की ओर से डा. लोकेश वार्ष्णेय, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर शिक्षा द्वारा ऑनलाइन मोड में हस्ताक्षर कर कुलपति की उपस्थिति में पुरड्यू यूनिवर्सिटी की ओर से डा. कृष्णा नेमाली के साथ आदान-प्रदान किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्य डा. रंजन श्रीवास्तव, डा. संदीप अरोड़ा, डा. अनीता रानी, डा. वी.के. सिंह, डा. रुचि गंगवार, डा. साक्षी चौहान एवं डा. अंकुर का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डा. साक्षी चौहान ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध किया।







