पंतनगर। Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology में आयोजित चार दिवसीय किसान मेले के तीसरे दिन पशुचिकित्सा एवं पशुपालन विज्ञान महाविद्यालय के प्रांगण में पशु-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में कुल 37 पशुओं ने भाग लिया। प्रदर्शनी में श्री जम्बी भल्ला की गाभिन जर्सी गाय को सर्वोत्तम पशु घोषित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति Manmohan Singh Chauhan ने विजेता पशु को रिबन बांधकर सम्मानित किया।
पशु-प्रदर्शनी में विभिन्न वर्गों में पशुपालकों ने अपने पशुओं का प्रदर्शन किया। भैंस वर्ग में श्री जैनुल की भैंस, दुधारू भैंस वर्ग में डॉ. सलीम की भैंस, देसी दुधारू गाय वर्ग में भूपेंद्र भारती की गाय, देशी गाय वर्ग में श्री डी.एन. कुषवाहा की गाय, गाभिन जर्सी गाय वर्ग में जम्बी भल्ला की गाय, बकरी वर्ग में श्री रिजयाउद्दीन, मुअज्जद अंसारी एवं सन्नी की बकरी तथा घोड़ा वर्ग में अभिषेक शर्मा एवं कार्तिक खेरा का घोड़ा प्रथम स्थान पर रहा।
इसी प्रकार भैंस वर्ग में भुट्टी यादव की भैंस, दुधारू गाय वर्ग में भूपेंद्र भारती की गाय, गाभिन गाय वर्ग में नीरज एवं गोविंद की गाय, क्रॉस ब्रीड दुधारू गाय वर्ग में मिथुन एवं आदित्य की गाय तथा बकरी वर्ग में रफा, सबनुम एवं यश की बकरी को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में विभिन्न पशु वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 2,000 रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि सर्वोत्तम पशु का पुरस्कार प्राप्त करने पर जम्बी भल्ला को 5,000 रुपये नकद से सम्मानित किया गया।
इस पशु-प्रदर्शनी के संयोजक एवं अधिष्ठाता पशुचिकित्सा डॉ. ए.एच. अहमद रहे। निर्णायक मंडल में डॉ. एस.सी. त्रिपाठी, डॉ. एस.पी. मौर्य, डॉ. ए.के. घोष, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. आर.एस. बरवाल, डॉ. आर.के. शर्मा तथा डॉ. अमित प्रसाद शामिल थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को पशुओं की उन्नत नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कार्यक्रम के अंत में पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य से संबंधित किट एवं मिनरल मिक्सचर निःशुल्क वितरित किए गए।
किसान मेले में विश्वविद्यालय के बीजों की बिक्री जारी
पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले के तीसरे दिन भी किसानों द्वारा विभिन्न फसलों के बीजों की खरीद जारी रही। मेले में विश्वविद्यालय के फसल अनुसंधान केन्द्र, प्रजनक बीज उत्पादन केन्द्र, विश्वविद्यालय फार्म तथा एटिक स्टालों से मेले के प्रथम से तृतीय दिवस की दोपहर तक लगभग 19 लाख 30 हजार रुपये के विभिन्न रबी फसलों के बीजों की बिक्री की गई।
इसके अतिरिक्त औषधीय एवं सगंध पौध अनुसंधान केन्द्र, आदर्श पुष्प वाटिका, सब्जी अनुसंधान केन्द्र, उद्यान अनुसंधान केन्द्र, कृषि वानिकी अनुसंधान केन्द्र तथा मधुमक्खी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र के स्टालों से लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये के बीज एवं पौधों की बिक्री हुई। वहीं एटिक एवं प्रकाशन निदेशालय के स्टालों से लगभग 32 हजार रुपये के प्रकाशनों की बिक्री की गई।
मेले के दौरान किसानों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुसंधान केन्द्रों का भ्रमण कर नई कृषि तकनीकों एवं उन्नत किस्मों की जानकारी भी प्राप्त की।








