Retail
No Result
View All Result
No Result
View All Result
 devbhoomi samiksha logo
No Result
View All Result

शहीद सैनिकों की स्मृति में शहीद द्वार और स्मारक बनाने का काम जारी, अब तक 13 के हुए आदेश

by Rajendra Joshi
April 1, 2025
in देहरादून
0
File Photo- Minister Ganesh joshi

File Photo- Minister Ganesh joshi

ADVERTISEMENT

देहरादून, 01 अप्रैल। राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और समय-समय पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाऐं चलाकर आश्रितों के कल्याण के लिए काम कर रही है। बीते 2022 में विजय दिवस (16 दिसम्बर) पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की थी कि प्रदेश में शहीद द्वार और स्मारकों का निर्माण संस्कृति विभाग के स्थान पर अब सैनिक कल्याण विभाग द्वारा किया जाऐगा, जिसके क्रियान्वयन के लिए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के निर्देशों के बाद विभाग द्वारा जिलों से प्राप्त प्रस्तावों पर स्वीकृति की कार्यवाही चल रही है।
मीडिया को जारी बयान में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा है कि सैनिक पुत्र होने के चलते उन्होंने सैनिकों और उनके परिवारों की पीड़ा और इच्छा को समझा और शहीद द्वार व स्मारकों का निर्माण संस्कृति विभाग के बदले सैनिक कल्याण विभाग से करवाने की मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह फैसला शहीदों के परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के घोषणा के बाद अब तक विभाग द्वारा 12 प्रस्तावों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें 05 पर निर्माण कार्य भी प्रारम्भ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी 1829 वीर शहीदों के द्वार अथवा स्मारक बनाने का सरकार का संकल्प है।
विदित हो कि सरकार के घोषणा के बाद शासन द्वारा कई विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के नाम भी शहीदों के नाम पर परिवर्तित कर दिये हैं। इसके साथ-साथ राज्य के अधीन स्थापित सैनिक द्वार एवं स्मारकों की देखरेख सैनिक कल्याण विभाग और जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। यहां प्रक्रियांऐं एवं अर्हताओं की बात करें तो आजादी के बाद थल सेना, नौ सेना और वायु सेना तथा अर्द्धसैनिक बलों के शहीद सैनिकों को इसमें सम्मिलित किया गया है। साथ ही, समक्ष अधिकारी द्वारा आप्रेशनल कैज्युलटी या बैटल कैज्युल्टी से सम्बन्धित प्रमाण पत्र निर्गत होने पर शहीद द्वार या स्मारक का निर्माण किया जाता है। शहीद द्वार मुख्यतः तीन श्रेणियों यथा लघु, मध्यम और वृहद में होते हैं। लघु श्रेणी में अधिकतम 05 लाख, मध्यम हेतु 10 लाख एवं वृहद शहीद द्वार निर्माण के लिए अधिकतम 15 लाख तक की धनराशि अनुमन्य की गयी है। इसी प्रकार, आवेदन प्राप्त होने पर चयन समिति में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति प्रस्ताव को शासन भेजती है, जहां पर उच्चानुमोदन के बाद निर्माण कार्य की स्वीकृति जारी की जाती है।
राज्य मे अब तक 1829 वीर सैनिकों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर मॉ भारती की रक्षा की है। जनपदवार अल्मोड़ा में 140, बागेश्वर में 112, चमोली में 259, चम्पावत में 60, देहरादून में 211, हरिद्वार में 15, पौड़ी में 355, नैनीताल में 110, पिथौरागढ़ में 343, रुद्रप्रयाग में 55, टिहरी में 96, उधमसिंहनगर में 60 और उत्तरकाशी में 13 शहीदों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों की कुरबानी की है। यूं ही नहीं उत्तराखण्ड को वीरभूमि कहा जाता है, रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सेना में लगभग 17 प्रतिशत सैनिकों की पूर्ति अकेला उत्तराखण्ड राज्य करता है। अग्निवीर भर्ती में भी उत्तराखण्ड के युवा पीछे नहीं हैं, बात करें गढ़वाल और कुमाऊं भर्ती केन्द्रो की, तो अभी तक लगभग 4500 से अधिक युवा अग्निवीर बन चुके हैं।

अभी तक प्राप्त स्वीकृति के अनुसार इन शहीदों के बनेंगे द्वार और स्मारक
अल्मोड़ा में शहीद दिनेश सिंह बिष्ट, शहीद नायक गौरी दत्त जोशी, शहीद हवलदार रघुनाथ सिंह, चमोली में शौर्य चक्र शहीद नायक रघुवीर सिंह, शहीद सिपाही सूरज सिंह तोपाल, महावीर चक्र शहीद सिपाही अनुसूया प्रसाद, उत्तरकाशी में शहीद गार्डसमैन सुन्दर सिंह, सीआरपीएफ के शहीद एएसआई मोहन लाल, पिथौरागढ़ में शहीद नायब सुबेदार चंचल सिंह गोबाड़ी, शौर्य चक्र शहीद नायब उरबा दत्त, शहीद सैपर पुष्कर दत्त, टिहरी गढ़वाल में शहीद नायक प्रवीन सिंह, रुद्रप्रयाग में शहीद हवलदार देवेन्द्र सिंह।

Tags: breaking newslatest newsकैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

Related Posts

-
देहरादून

महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के साथ कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया 151 कन्या पूजन

-
देहरादून

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखण्ड के राज्यपाल पद की शपथ ली

-
उत्तराखंड

वार्ड 04 राजपुर में विकास योजनाओं का लोकार्पण करते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

-
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस एवं देवभूमि रजत जयंती पार्क का किया लोकार्पण

Load More
Next Post
-

आज 1500 से अधिक दुकानों पर छापेमारी, देहरादून में 100 किलो आटा नष्ट

Leave Comment
300x250 Top
300x600 Middle
  • About
  • Contact Us
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Dev Bhoomi Samiksha All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • App Ads
  • App Privacy Policy
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Sample Page
  • Terms & Conditions

© 2024 Dev Bhoomi Samiksha All Rights Reserved