Retail
No Result
View All Result
No Result
View All Result
 devbhoomi samiksha logo
No Result
View All Result

उत्तराखंड में युवाओं पर फोकस राजनीति, जानिए क्यों सत्ताधारियों के लिए खास हुए Gen-z

by Rajendra Joshi
July 18, 2026
in उत्तराखंड
0
-
ADVERTISEMENT

देशभर में इस समय राजनीतिक दलों का सबसे ज्यादा फोकस युवाओं पर है.राष्ट्रीय राजनीति की यही तपिश उत्तराखंड में भी महसूस की जा रही है.-

देहरादून:विधानसभा चुनाव 2027 के लिए उत्तराखंड में राजनीतिक मुहरे बिछने लगी है. सियासत में सत्ता पाने का गुणा भाग भी हो रहा है. उसी लिहाज से आगामी राजनीतिक रणनीति भी तैयार हो रही है. इसी रणनीति का हिस्सा इस समय सबसे ज्यादा युवा दिखाई दे रहे हैं. ऐसा मौजूदा माहौल और युवाओं की मतदाता के रूप में भूमिका को देखते हुए किया जा रहा है. खास बात यह है कि आगामी चुनाव के नजदीक जाते-जाते युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों और योजनाओं पर राजनीतिक दलों का फोकस साफ नजर आ रहा है.

फिलहाल उत्तराखंड युवाओं के मामले में राष्ट्रीय राजनीति का हिस्सा बना हुआ है. कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी देहरादून में युवाओं से संवाद कर चुके है. जाहिर है कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं को उनके भविष्य का सपना भी दिखाया है और मौजूदा समय में हो रहे पेपर लीक प्रकरणों पर बात रखकर उनकी भावनाओं को भी छूने की कोशिश की है. खास बात यह है कि राजनीतिक दल उत्तराखंड में युवाओं की ताकत को पहचानते है, वह जानते हैं कि राज्य में युवा मतदाता के रूप में सबसे अहम भूमिका में मौजूद है. आंकड़ों के लिहाज से देखे तो राज्य में फिलहाल मतदाताओं की संख्या 71,33000 के आसपास है. इसमें केवल नए मतदाता यानी 18 से 19 साल की आयु वर्ग वाले युवाओं की बात करें तो इनकी संख्या अकेले 175000 के करीब है.

यह आंकड़ा केवल मतदाता सूची में शामिल होने वाले उन युवाओं की है जो अभी युवा वर्ग में शामिल ही हुए हैं. लेकिन यदि इस आयु वर्ग को थोडा बढ़ा दे तो यह संख्या काफी ज्यादा हो जाती है. राज्य में 18 से 29 साल आयु वर्ग के युवाओं की संख्या को देख तो इनकी संख्या करीब 17 लाख 88000 के आसपास है. हालांकि अभी निर्वाचन आयोग की तरफ से SIR के बाद वाली संशोधित अंतिम मतदाता सूची इस रूप में जारी नहीं की है. फिलहाल आंकड़ों के लिहाज से देखें तो राज्य में 18 से करीब 30 साल की आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या कुल मतदाता संख्या का करीब 33 प्रतिशत है, जोकि राज्य में चुनावी रूप से निर्णायक भूमिका में दिखाई देता है.

यह साफ है कि युवाओं की चुनाव में निर्णायक भूमिका को राजनीतिक दल समझते हैं और इसीलिए चुनाव से पहले इसी आयु वर्ग को सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है. दूसरी बड़ी वजह यह भी है कि देश में इस समय पेपर लीक के ऐसे तमाम मामले सामने आ चुके हैं, जिसने युवाओं को आकर्षित किया है और यही हालत राजनीतिक दलों के लिए खासतौर पर विपक्षी दलों के लिए अनुकूल बने हुए हैं. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी देहरादून में पहुंचकर पेपर लीक प्रकरणों को जोर शोर से उठाया और युवाओं का ध्यान कांग्रेस की तरफ खींचने की कोशिश की. जाहिर है कि युवाओं में इस बात को लेकर आक्रोश भी है और यही आक्रोश कांग्रेस के लिए एक बड़ी उम्मीद बना हुआ है.

युवा राहुल गांधी से जुड़ रहे हैं और पेपर लीक के इस गोरख धंधे को समझ भी रहे हैं. युवाओं को पता है कि सरकार किस तरह उनके रोजगार पर डाका डाल रही है और इसलिए इस बार युवा सरकार के खिलाफ लामबंद दिखाई दे रहा है और चुनाव में इसका असर भी दिखाई देगा.
-शीशपाल बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस-

इस दौरान युवा भी पेपर लीक प्रकरणों से बेहद त्रस्त नजर आते हैं और वह मानते हैं कि इस वक्त युवाओं के नाम पर केवल राजनीति हो रही है और वीआईपी कल्चर ने युवाओं के रोजगार को खत्म कर दिया. युवा महसूस कर रहे हैं कि उनके रोजगार और शिक्षा की बात नहीं की जा रही और उन्हें सरकार ने फिलहाल अपने एजेंडे से बाहर कर दिया है. ऐसे में युवा फिलहाल सरकार और विपक्ष दोनों से ही इन हालातो में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं और इसके लिए आने वाले समय में बड़े बदलाव की संभावना भी व्यक्त कर रहे हैं.

राहुल गांधी का देहरादून में स्वागत है, लेकिन वह युवाओं को भ्रमित ना करें. क्योंकि युवा जानते हैं कि भाजपा सरकार उनके लिए रोजगार के मौके भी ला रही है. पेपर लीक जैसे प्रकरणों पर सख्त कानून लाकर ऐसा करने वालों को सलाखों के पीछे भी पहुंच रही है.
-कुंदन परिहार, भाजपा प्रदेश महामंत्री-

ऐसा नहीं है कि युवाओं को साधने के लिए केवल कांग्रेस ही जोर दिखा रही हो, सत्ताधारी भाजपा भी मैदान को खाली छोड़ने के मूड में नहीं है और पेपर लीक के मामले आने के बावजूद भी युवाओं को साधने की कोशिश में जुटी हुई है. स्थिति यह है कि एक तरफ राहुल गांधी ने देहरादून में युवाओं के साथ संवाद किया है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने उसी दिन देहरादून जिले में ही युवाओं के साथ संवाद करते हुए यह जताने की कोशिश की है कि युवा आज भी भाजपा के साथ ही हैं. उधर सरकार के युवाओं से जुड़े कार्यक्रम लगातार बढ़ रहे हैं.

युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर उनके बीच संदेश देने की कोशिश हो रही है तो बॉलीवुड और बड़े कलाकारों को बुलाकर भी उनके मनोरंजन के जरिए उन्हें साधने की कोशिश सरकार करने में जुटी है.

Related Posts

-
देहरादून

पंतनगर विश्वविद्यालय के 12 विद्यार्थियों का हायपरप्योर बाय जोमैटो में चयन

-
देहरादून

मंत्री गणेश जोशी ने श्रीमद् देवी भागवत कथा में किया प्रतिभाग प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

-
देहरादून

मसूरी विधानसभा के क्षेत्र पंचायत उपचुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी ममता देवी की जीत

-
देहरादून

सरस फूड फेस्टिवल बना ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का सशक्त मंच

Load More
Next Post
-

राहुल गांधी के कार्यक्रम पर बीजेपी ने साधा निशाना, कहा- रटा रटाया झूठ फैलाने में गंवाया समय

300x250 Top
300x600 Middle
  • About
  • Contact Us
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Dev Bhoomi Samiksha All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • About Us
  • Advertise
  • App Ads
  • App Privacy Policy
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Sample Page
  • Terms & Conditions

© 2024 Dev Bhoomi Samiksha All Rights Reserved