उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने काशीपुर में खनन कार्य में लगे तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों को “चलती-फिरती मौत” बताते हुए कहा कि इन लगातार हो रही मौतों की सीधी जिम्मेदारी राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस विभाग की है।
उन्होंने कहा कि सोमवार को काशीपुर क्षेत्र के ढकिया नंबर-1 स्थित शिवनगर ग्राम में एक ग्रामीण की खनन वाहन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। बीते दो-तीन दिनों में ढकिया, कुंडेश्वरी, कुण्डेश्वरा और ब्रह्मनगर क्षेत्रों में खनन वाहनों से पांच निर्दोष नागरिकों की अकाल मृत्यु हो चुकी है।
यशपाल आर्य ने तीखे शब्दों में कहा कि “काशीपुर में जिस रफ्तार से लोग मर रहे हैं, उतनी मौतें अब युद्ध या प्राकृतिक आपदा में भी नहीं होतीं। यह हादसे नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही से हो रही जनहत्याएं हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि“ रोज किसी न किसी घर का चिराग बुझ रहा है, माताओं की गोद सूनी हो रही है, बच्चों के सिर से पिता का साया उठ रहा है लेकिन सरकार और प्रशासन सत्ता की कुर्सी पर बैठकर गहरी नींद में सोए हुए हैं।”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि “तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों से हो रही मौतें उत्तराखंड सरकार की पूरी तरह विफल और संवेदनहीन कार्यशैली को उजागर करती हैं। आज आम जनता की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तत्काल ओवरलोड डंपरों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया, खनन वाहनों पर सख्त निगरानी नहीं हुई, ट्रैफिक नियमों को कड़ाई से लागू नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क से सदन तक बड़ा जनआंदोलन छेड़ेंगे और सरकार को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
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