सावन शुरू होते ही हरिद्वार में कांवड़ मेले का शुभारंभ, 18 सुपर जोन में 6000 जवान तैनात, ट्रैफिक का नया प्लान, सचिन कुमार की रिपोर्ट
हरिद्वार:सावन महीने के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में गुरुवार से कांवड़ मेले की विधिवत शुरुआत हो गई है. बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं और अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे हैं. शासन प्रशासन ने कांवड़ मेले की सुरक्षा की पूरी तैयारी कर की है. चूंकि इस बार अनुमान है कि कांवड़ मेले में आने वाले कांवड़ियों का आंकड़ा 5 करोड़ तक पहुंच सकता है, इसलिए कांवड़ मार्ग पर पेयजल और शौचालय की बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं. इसके साथ ही हरिद्वार जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ियों में आज से 11 अगस्त तक छुट्टियां हो गई हैं. हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई होगी.
कांवड़ मेला 2026 शुरू:पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जाेन और 141 सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों की तैनाती की गई है. सुरक्षा की दृष्टि से 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही 13 कंपनी पैरामिलेट्री फोर्स और पीएसी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. डॉग स्क्वॉयड और बीडीएस की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं. मेले की शुरुआत में पैदल कावड़ियों का आवागमन हो रहा है. महाशिवरात्रि के नजदीक आते ही डाक कांवड़ की शुरुआत भी हो जाएगी. इसलिए लाखों वाहनों के लिए कई अस्थाई पार्किंग बनाई गई हैं. साथ ही बृहद ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है.

शिवभक्तों को उनके गंतव्यों तक सुरक्षित पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी- प्रदीप बत्रा:उत्तराखंड के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने बताया कि-
हमारी सरकार ने कांवड़ मेले की पूरी तैयारी कर ली है. कांवड़ मेले की शुरुआत होते ही कांवड़ियों का भी आगमन शुरू हो गया है. अतिथि देवो भव: की भावना से देवभूमि उत्तराखंड, सभी कांवड़ियों के स्वागत के लिए तैयार है. सरकार का पूरा प्रयास है कि इस बार की कांवड़ यात्रा भी सरल, सुगम और सुरक्षित हो. सभी शिवभक्तों को उनके गंतव्यों तक सुरक्षित पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है.
-प्रदीप बत्रा, परिवहन मंत्री, उत्तराखंड-
मंत्री बत्रा ने कहा कि शासन प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है. आंतरिक सड़कों के साथ ही हाईवे के गड्ढों को भर दिया गया है. आने वाले कुंभ मेले से पहले सभी निर्माण कार्य भी पूर्ण कर लिए जाएंगे.
साधु संतों ने की व्यसन मुक्त कांवड़ यात्रा की अपील:वहीं कांवड़ मेले को लेकर साधु संत भी उत्साहित हैं. साधु संतों ने सरकार द्वारा कांवड़ मेले के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की. जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने बताया कि-
मुख्यमंत्री के माध्यम से शासन प्रशासन ने अच्छी व्यवस्थाएं की हैं. साधु संत इस बार व्यसन मुक्त मेले की अपेक्षाएं रख रहे हैं. कांवड़िए भी भगवान शिव का ही रूप हैं, इसलिए मेले में किसी प्रकार का नशा न करें. डीजे जैसे अत्यंत ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग न करें, जिससे किसी को परेशानी हो.
-स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा-
एडीजी और आईजी ने सतर्क रहने को कहा:हर बार छोटी-छोटी बातों के लेकर कांवड़ मेले में विवाद हो जाता है. कई बार बात मारपीट तक पहुंच जाती है. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के साथ ही आईजी ने ऐसे मामलों को लेकर सतर्क रहने को कहा है. एडीजी एलओ वी मुरुगेशन ने चारधाम यात्रा के दौरान कांवड़ यात्रा को एक चैलेंज बताया.
वहीं आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने समस्त पुलिस बल को मेले में असमाजिक तत्वों के प्रति बेहद सचेत रहकर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली आशंकाओं, डीजे में भड़काऊ गाने चलने अथवा सोशल मीडिया में अचानक किसी छोटी घटना को बड़ा रूप दे देने जैसी घटनाओं पर बेहद सतर्क दृष्टि रखने को कहा. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों से समन्वय स्थापित करने को भी महत्वपूर्ण बताया.
आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने पिछले कांवड़ मेलों से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए पुलिस बल को आसपास की सभी घटनाओं पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने एवं ट्रैफिक प्लान को सुव्यवस्थित तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही हरकी पैड़ी पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है.
डीएम ने विभागों के संयोजन पर दिया जोर:हरिद्वार डीएम मयूर दीक्षित ने ड्यूटी स्थल के आसपास अन्य विभागों के साथ सही संयोजन बनाए रखने एवं आवश्यकता आपस में चर्चा कर निर्णय लिए जाने पर जोर दिया है. एसएसपी नवनीत सिंह ने मेले में नियुक्त समस्त फोर्स से कहा है कि कांवड़ यात्रा के समय लगातार वर्षा होने की संभावना है. सभी पुलिसकर्मी अपने साथ डंडे के साथ ही टॉर्च व रेन कोर्ट भी रखें. भुल्लर ने बताया कि कांवड़ यात्रा की लंबी और थकान भरी ड्यूटी के बीच भक्तिभाव को प्राथमिकता देते हुए आक्रोशित भावनाओं पर नियंत्रण आवश्यक है. छोटी घटनाएं कई बार बड़ा रूप ले लेती हैं.
कांवड़ मेले के चलते यातायात में बदलाव:इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारम्भ हुआ है. सावन माह में 04 सोमवार पड़ेंगे. पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चतुर्थ सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा. श्रावण मास की शिवरात्रि का मुख्य पर्व 11 अगस्त को मनाया जाएगा. इसे देखते हुए हरिद्वार जनपद में ट्रैफिक रूट डायवर्ट किया गया है.
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वाले रहें सावधान:हाल के दिनों में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और इंटरनेट के माध्यम से अफवाह फैलाने की घटनाएं भी सामने आई हैं. पुलिस का मानना है कि कांवड़ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान भ्रामक संदेश, फर्जी न्यूज और फर्जी वीडियो कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं. ऐसे में साइबर कमांडो की विशेष टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेगी. किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट को तुरंत चिन्हित कर उसे हटाया दिया जाएगा. संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. सभी कमांडो मेला कंट्रोल रूम में बने साइबर सेल में तैनात होंगे और साइबर पुलिस इनकी सहायता करेगी.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों को नो एंट्री:इस बार सबसे बड़ी व्यवस्था दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी एक्सप्रेसवे को लेकर बनाई गई है. पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कांवड़िये को इस एक्सप्रेसवे पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. इसके लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है.
भगवानपुर बॉर्डर से ही श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा, ताकि एक्सप्रेसवे केवल सामान्य वाहनों, एम्बुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए खुला रहे. प्रशासन का मानना है कि यदि एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई तो दिल्ली और देहरादून के बीच बनने वाला तेज यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा, जिससे देहरादून में भारी भीड़ हो जाएगी. इसका असर देहरादून की जनता पर पड़ेगा. इसलिए सीमा से ही निगरानी बढ़ाई जाएगी और हर प्रवेश बिंदु पर पुलिस बल तैनात रहेगा. सामान्य यातायात के लिए एक्सप्रेसवे खुला रहेगा.
कांवड़िए इन बातों का रखें ध्यान:हरिद्वार पुलिस ने इस बार श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है. यात्रा में किसी भी प्रकार के जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर, नुकीले भाले, त्रिशूल, तलवार या अन्य हथियार लेकर आने पर पूरी तरह रोक है. पैदल कांवड़ की ऊंचाई 6 फीट और झांकी की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी. दरअसल ऊंची कांवड़ से बिजली की लाइनों से दुर्घटना का खतरा रहता है. शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन की हालत में हरिद्वार में प्रवेश नहीं मिलेगा. प्रत्येक श्रद्धालु को अपने साथ वैध पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा. चलती ट्रेन की छत या अन्य असुरक्षित स्थान पर यात्रा करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

04314 हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा कांवड़ मेला स्पेशल 30 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रतिदिन हरिद्वार से दोपहर 3:30 बजे रवाना होकर शाम 7:50 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी. इस दौरान ज्वालापुर, रुड़की, टपरी, मुजफ्फरनगर और मेरठ में इसका ठहराव रहेगा. दूसरी योगनगरी ऋषिकेश-दिल्ली शाहदरा कांवड़ मेला स्पेशल 30 जुलाई से 13 अगस्त तक योगनगरी ऋषिकेश से सुबह 8:35 बजे चलकर शाम 5:45 बजे दिल्ली शाहदरा पहुंचेगी. तीसरी योगनगरी ऋषिकेश-आलमनगर कांवड़ मेला स्पेशल भी मेले के दौरान संचालित होगी, जो योगनगरी ऋषिकेश से प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे रवाना होगी.
कांवड़ मेले में यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है. आवश्यकता पड़ने पर नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए जा सकते हैं.
-महेश यादव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक-
करीब 16 ट्रेनें हरिद्वार के नजदीकी रेलवे स्टेशन ज्वालापुर और मोतीचूर पर रुकेंगी. 30 जुलाई से 13 अगस्त तक इन ट्रेनों के समय और स्टॉपेज में बदलाव रहेगा. उसके बाद अपने निर्धारित समय पर चलेंगी.


