देहरादून 08 फरवरी । को परेड ग्राउंड, देहरादून में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए ऐतिहासिक महापंचायत होने जा रही है। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने आरोप लगाया है कि इस जनआंदोलन को विफल करने के लिए सुनियोजित साज़िश रची जा रही है।
संघर्ष मंच के सदस्य मोहित डिमरी ने कहा कि महापंचायत की तिथि तीन सप्ताह पहले घोषित की जा चुकी थी, इसके बावजूद 5 से 8 फरवरी के बीच परेड ग्राउंड में उत्तरायणी कौथिक महोत्सव आयोजित किया जाना महज़ संयोग नहीं हो सकता। यह आयोजन सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी संस्थापक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी हैं।
मोहित डिमरी ने सवाल उठाते हुए कहा, “जब महापंचायत की तारीख पहले से तय थी, तो उसी स्थल और उसी समय पर सरकारी संरक्षण में एक बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम रखना, महापंचायत को कमजोर करने की साज़िश नहीं तो और क्या है?

संघर्ष मंच ने यह भी सवाल उठाया कि उत्तरायणी कौथिक महोत्सव पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इस धनराशि का स्रोत सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह पैसा अधिकारियों और अन्य माध्यमों से इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि अंकिता हत्याकांड में न्याय की लड़ाई को कमजोर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आज यह लड़ाई VIP अपराधियों को बचाने वालों और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के बीच की लड़ाई बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरी ताकत से उन लोगों को बचाने में लगी है, जिन पर अंकिता हत्याकांड में गंभीर सवाल खड़े हैं। पिछले कई दिनों से महिलाएं, युवा और पूर्व सैनिक महापंचायत को सफल बनाने के लिए लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। समय की कमी के चलते सभी क्षेत्रों में बैठकें नहीं हो सकीं, लेकिन इसके बावजूद जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
मोहित डिमरी ने कहा, इतिहास यह जरूर दर्ज करेगा कि इस कठिन समय में कौन अंकिता के साथ खड़ा था और कौन सत्ता की चरणवंदना में लगा रहा। संघर्ष मंच ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि 8 फरवरी को परेड ग्राउंड, देहरादून में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महापंचायत को सफल बनाएं। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव आकर, वीडियो बनाकर और प्रचार तेज़ करने का भी आह्वान किया गया है।








