उत्तराखण्ड सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान की गई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित भर्ती पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता के लिए उत्तराखण्ड सैनिक कल्याण विभाग को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव तथा समीर कोचर, स्कॉच डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष द्वारा दिनांक 20 सितम्बर 2025 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली में प्रदान किया गया। इस सम्मान को राज्य सरकार की ओर से निदेशक सैनिक कल्याण, ब्रिगेडियर अमृत लाल ग्वारी द्वारा ग्रहण किया।

भर्ती पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जनपदों के पूर्व सैनिकों के आश्रितों को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को सेना, अर्द्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा सेवाओं की भर्ती परीक्षाओं के लिए संपूर्ण रूप से तैयार किया जाता है। पूर्व सैनिक प्रशिक्षक उन्हें अनुशासन, शारीरिक क्षमता, लिखित परीक्षा की तैयारी और साक्षात्कार तकनीकों में मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, जिससे युवा न केवल भर्ती प्रक्रियाओं में सफलता प्राप्त कर सकें, बल्कि आत्मविश्वास और पेशेवर दक्षता के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हों। इस पहल से बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए तथा कई प्रशिक्षु रक्षा सेवाओं में चयनित हुए।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी जी ने इस उपलब्धि पर विभाग को बधाई दी और कहा कि हमारी सरकार हमेशा पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रयासरत है। वहीं, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र कुमार चौधरी द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठाता रहा है। स्कॉच अवार्ड द्वारा विभाग की प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान की गई है।








