देहरादून | राजभवन में आज वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च इनिशिएटिव को लेकर एक अहम प्रेजेंटेशन हुआ। यूपीईएस (UPES) के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के क्लस्टर हेड प्रो. शुभजीत बासु ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) को रिसर्च की प्रगति से अवगत कराया।
🎯 क्या है रिसर्च का फोकस?
- उत्तराखण्ड की जैव विविधता क्षमता
- हिमालयी पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग
- मिशन: हेल्थ, न्यूट्रिशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में टेक्नोलॉजी के जरिए योगदान देना

🗣️ राज्यपाल ने क्या कहा?
राज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ये रिसर्च राज्य की जैव-संपदा को वैश्विक पहचान दिला सकती है। उन्होंने ज़ोर दिया कि “अनुसंधान सिर्फ लैब तक सीमित न हो, इसका असर ज़मीन तक दिखना चाहिए।”
💡 यह रिसर्च लोकल कम्युनिटी के लिए नए मौके पैदा कर सकता है, बशर्ते इसे सही दिशा और सहयोग मिले।
📍 कौन-कौन रहे मौजूद?
- सचिव रविनाथ रामन
- यूपीईएस के डॉ. पीयूष कुमार
- डॉ. रमेश सैनी








