Retail
  • देश
  • राज्य
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • हिमाचंल प्रदेश
    • हरियाणा
    • महाराष्ट्र
  • उत्तराखंड
    • कुमाऊं
      • अल्मोड़ा
      • चम्पावत
      • उधम सिंह नगर
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • बागेश्वर
    • गढ़वाल
      • उत्तरकाशी
      • चमोली
      • देहरादून
      • टिहरी गढ़वाल
      • पौड़ी गढ़वाल
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
  • राजनीति
  • धर्म संस्कृति
  • शिक्षा/रोजगार
  • वायरल
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • दुनिया
  • संपादकीय
No Result
View All Result
  • देश
  • राज्य
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • हिमाचंल प्रदेश
    • हरियाणा
    • महाराष्ट्र
  • उत्तराखंड
    • कुमाऊं
      • अल्मोड़ा
      • चम्पावत
      • उधम सिंह नगर
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • बागेश्वर
    • गढ़वाल
      • उत्तरकाशी
      • चमोली
      • देहरादून
      • टिहरी गढ़वाल
      • पौड़ी गढ़वाल
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
  • राजनीति
  • धर्म संस्कृति
  • शिक्षा/रोजगार
  • वायरल
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • दुनिया
  • संपादकीय
No Result
View All Result
New Logo Copy 2 1
No Result
View All Result

जब एक ग्वाला बना चंद वंश का महान शासक || Story of Kumaon King Thoharchand

by Rajendra Joshi
August 13, 2023
in संपादकीय
0
Story of Kumaon King Thoharchand

Story of Kumaon King Thoharchand : कुमाऊं के चंद शासकों की वंशावली में एक थोहरचंद नाम का राजा आता है। फ्रांसिस हैमिल्टन ने अपने दस्तावेज द एकाउंट ऑफ़ दी किंगडम ऑफ़ नेपाल में थोरचंद को कुमाऊं में चंद वंश का संस्थापक माना है। थोरचंद को कुमाऊं में चंद वंश का संस्थापक मानने की बात डब्लू फ्रेजर भी करते हैं। इसके साथ ही थोहर चंद को कई अन्य लेखक भी चंद वंश के प्रथम शासक या संस्थापक के रूप में जानते हैं।

किन्तु एटकिंसन द्वारा लिखित किताब हिमालयन गजेटियर व बद्रीदत्त पांडे की पुस्तक कुमाऊं का इतिहास, दोनों में ही चंद वंश का संस्थापक सोमचंद को बताया गया है।

Story of Kumaon King Thoharchand


तो आइये शुरू करते हैं Story of Kumaon King Thoharchand चंद वंश के महान राजा थोहरचंद जिनको चंद वंश का राजा बनाया गया था।

इलाहबाद के निकट झूसी नाम का एक स्थान था जहां के शासक चंद राजा हुआ करते थे। थोहरचंद जो बाद में चंश वंश का महान राजा हुआ, इन्हीं चंदवंशीय राजा के यहां ग्वाला था। एक दिन थोहरचंद चंद वंशीय राजाओं के यहां गोबर उठा रहा था। थोरचंद को काम करता देख एक ब्राह्मण उसके समीप पहुँचा, ब्राह्मण ने जब थोहरचंद के पैरों के निशान गोबर पर देखे तो वह आश्चर्य से चकित रह गया।

उस ब्राह्मण ने थोहरचंद को आश्चर्य से देखा और बोले कि हे बालक! तुम जल्दी ही किसी राज्य के राजा बनने वाले हो। उस ब्राह्मण की यह बात सुन उस दिन थोहर चंद ने उस ब्राह्मण का मजाक उड़ाया और कहने लगा कि- हे ब्राह्मण! अगर आपके द्वारा कही गई यह बात सच साबित होती है तो में अपने राज दरबार मे आपको दीवान का पद दुंगा।

यह ठीक उसी काल की बात थी जब कुमाऊं का राजा की कोई संतान नहीं थी। कुमाऊं के राजा के उन दिनों छंदों के राज दरबार मे कुछ अपने खास रिश्तेदारों को भेजा था और वहां के चंद राजा से अनुरोध किया था कि वह अपने पुत्रों में से कोई एक पुत्र कुमाऊं पर राज करने कुमाऊं दरबार में भेंज दें।

उन दिनों चंद राजा अपने पुत्रों से खुब प्यार करता था और वह चंद राजा यह समझता था कि उसके बैटे तो मैदानी इलाकों में पले-बड़े हुए तो वह पहाड़ों में कैसे अपना राजकाज कर सकते हैं।

तक उस राजा ने अपनी राज्यसभा में यह दुविधा रखी और दरबारीयों से पुछा कि क्या किया जाए? इतने में किसी अन्य दरबारी ने उत्तर दिया कि वह चंद राजा अपने ग्वाले को राजकुमार बनाकर कुमाऊं भेज दें । यही इस दुविधा का समाधान है।

इस तरह झूसी के चंद शासकों ने एक ग्वाले को राजकुमार बनाकर कुमाऊं में राज काज हेतू भेज दिया। इस ग्वाले का नाम था थोहरचंद। जब थोहरचंद को इस बात का पता चला कि वह राजा बनने वाला तो उसे ब्राह्मण की बात याद आ गयी और ब्राह्मण को किया अपना वादा भी उसी समय याद आ गया।

थोहरचंद ने उस चंदवंशीय राजा से विनती की कि वह उसके साथ ब्राह्मण को भी कुमाऊं भेजे। राजा ने उसकी यह विनती सुनी और सुन ली और उस ब्राह्मण को थोहरचंद के साथ कुमाऊं भेज देता है और इस प्रकार चौथारी ब्राह्मण कुमाऊं आ गये और थोहरचंद ने अपने वादे के अनुसार चौथारी ब्राह्मण को राजा बनते ही कुमाऊं के चंदवश में अपना दीवान भी नियुक्त किया।

Tags: Story of Kumaon King Thoharchandथोहरचंद

Related Posts

-
संपादकीय

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की प्रगति के साथ बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियां।

-
संपादकीय

आधुनिक युग में दीपावली का बदलता स्वरूप

Multi Layer Farming
संपादकीय

हरेला पर्व और बहुस्तरीय कृषि के साथ पहाड़ की सांस्कृतिक जीवंतता

-
संपादकीय

धार्मिक आधार पर बहुसंख्यक आबादी को राजनैतिक सत्ता के समर्थन हेतू तैयार किया जानाः एक स्वतंत्र लेख।

Load More
Next Post
HCL Foundation

एक सतत ग्रह का समर्थन करने के लिए HCL Foundation ने भारत भर में लगाए 47,000 पौधे

https://youtu.be/Kdwzmnon_Jc

Like Us

Facebook New 01

Web Stories

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2024
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2024
उत्तराखण्ड : आज के सभी प्रमुख समाचार।
उत्तराखण्ड : आज के सभी प्रमुख समाचार।
  • About
  • Contact Us
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Dev Bhoomi Samiksha All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • देश
  • राज्य
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • हिमाचंल प्रदेश
    • हरियाणा
    • महाराष्ट्र
  • उत्तराखंड
    • कुमाऊं
      • अल्मोड़ा
      • चम्पावत
      • उधम सिंह नगर
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • बागेश्वर
    • गढ़वाल
      • उत्तरकाशी
      • चमोली
      • देहरादून
      • टिहरी गढ़वाल
      • पौड़ी गढ़वाल
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
  • राजनीति
  • धर्म संस्कृति
  • शिक्षा/रोजगार
  • वायरल
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • दुनिया
  • संपादकीय

© 2024 Dev Bhoomi Samiksha All Rights Reserved

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2024उत्तराखण्ड : आज के सभी प्रमुख समाचार।