काशीपुर: कोतवाली काशीपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 551/2023 में नामजद अभियुक्त अनूप अग्रवाल को माननीय सर्वोच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने के बाद अब इस प्रकरण ने सियासी रंग भी ले लिया है। मामले में पहले से चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच हालिया घटनाक्रम ने राजनीतिक बयानबाज़ी को और तेज कर दिया है।

गौरतलब है कि हत्या के प्रयास समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में दर्ज इस मुकदमे की विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी कराया था। अभियुक्त के न्यायालय में उपस्थित न होने पर धारा 82 एवं 83 सीआरपीसी के तहत उद्घोषणा और कुर्की की प्रक्रिया भी अमल में लाई गई। इन कार्रवाइयों को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में दायर याचिका खारिज होने के बाद अभियुक्त की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की गई थी, जिसे भी न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता गौरव भाटिया तथा एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड सुदर्शन सिंह रावत ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय के आदेश के बाद अभियुक्त के विरुद्ध जारी उद्घोषणा एवं कुर्की की कार्रवाई यथावत प्रभावी बनी हुई है।
इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक बयान भी चर्चा में हैं। पूर्व मंत्री अरविंद पांडे ने पूर्व में कथित तौर पर यह बयान दिया था कि अनूप अग्रवाल को “गायब कर दिया गया है।” अब जबकि मामला न्यायालयों में सुनवाई के बाद सार्वजनिक रूप से सामने है और अभियुक्त की ओर से लगातार कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई गई हैं, विरोधी पक्ष अरविंद पांडे के उस बयान पर सवाल खड़े कर रहा है। उनका कहना है कि हालिया घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि दिया गया बयान तथ्यात्मक रूप से सही नहीं था।

हालांकि इस मुद्दे पर अरविंद पांडे की ओर से ताज़ा प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
उधर पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और अभियुक्त की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं








