देहरादून/हल्द्वानी। हल्द्वानी राजकीय मेडिकल कॉलेज के सहायक प्रोफेसर द्वारा छात्रों के मानसिक और जातिगत उत्पीड़न के गंभीर मामले में फ्री स्माइल फाउंडेशन ने कड़ा रुख अपनाया है। फाउंडेशन के अध्यक्ष रवि त्यागी द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में दी गई शिकायत को आयोग द्वारा आधिकारिक रूप से दर्ज कर लिया गया है। फाउंडेशन ने इस कदम को न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया है।
विदित हो कि हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के छात्रों और जूनियर डॉक्टरों ने एक सहायक प्रोफेसर पर 17 गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों के अनुसार, प्रोफेसर द्वारा छात्रों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग, जातिगत व लैंगिक टिप्पणियां, दिव्यांग छात्रों का अपमान और छात्रों को फेल करने की धमकी देकर मानसिक तनाव दिया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्रों ने पूर्व में भी प्रशासन से गुहार लगाई थी।
फ्री स्माइल फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष रवि त्यागी ने कहा कि, ‘‘एक शिक्षण संस्थान में इस प्रकार का व्यवहार असहनीय है। छात्र देश का भविष्य हैं और यदि उनके साथ जाति या लिंग के आधार पर भेदभाव होता है, तो यह मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा इस मामले को दर्ज करना यह दर्शाता है कि आरोपों में गंभीरता है।’’
‘फ्री स्माइल फाउंडेशन’ ने स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे इस मामले में छात्रों को हर संभव सामाजिक और कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। संस्था ने उम्मीद जताई है कि मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप से पीड़ित छात्रों को शीघ्र न्याय मिलेगा।








