पंतनगर। 26 फरवरी 2026। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की प्रेरणा से आयोजित चार-दिवसीय उत्तराखंड राज्य अंतर-विश्वविद्यालय खेल महोत्सव का गरिमामय एवं ऐतिहासिक समापन हुआ।
इस प्रतिष्ठित आयोजन में उत्तराखंड राज्य के 10 विश्वविद्यालयों ने प्रतिभाग किया। उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष में यह पहला अवसर था जब खेल एवं क्रीड़ा के लिए राज्य के 10 विश्वविद्यालय एक साथ एकत्रित हुए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान के नेतृत्व में यह महोत्सव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
महोत्सव में कुल 722 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 412 पुरुष एवं 310 महिला प्रतिभागी शामिल रहे। सभी खिलाड़ियों ने उत्साह, अनुशासन एवं उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय दिया। चार दिनों तक चले इस महोत्सव में एथलेटिक्स, दौड़, कबड्डी, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल एवं बैडमिंटन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर खेल ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना से सराबोर रहा।
400 मीटर रिले (पुरुष वर्ग) में
प्रथम – गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर
द्वितीय – हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय, देहरादून
तृतीय – दून विश्वविद्यालय, देहरादून
महिला वर्ग में
प्रथम – उत्तराखंड संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार
द्वितीय – सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा
तृतीय – कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का मंच नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त प्रक्रिया है। यह महोत्सव युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, समर्पण एवं सहयोग की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ है। पंतनगर विश्वविद्यालय प्रदेश में खेल संस्कृति को सुदृढ़ करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तर तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
कुलसचिव डॉ. दीपा विनय ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं आयोजक सचिव डॉ. ए.एस. जीना ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। समापन समारोह में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशकगण, प्राध्यापकगण, खेल अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
यह खेल महोत्सव उत्तराखंड की युवा शक्ति, सामूहिकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रेरक प्रतीक बनकर उभरा तथा प्रदेश में खेल उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ गया।








