- ईरान-अमेरिका संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर।
- प्रीमियम पेट्रोल के दाम भी बढ़े, नई दरें लागू।
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच देश में डीजल की कीमत में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने औद्योगिक उपयोग में आने वाले डीजल के दाम में लगभग 22.03 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी है। इस बढ़ोतरी को हाल के समय की सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह वृद्धि मुख्य रूप से मध्य-पूर्व क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में आई तेजी के चलते की गई है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ गई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
हालांकि राहत की बात यह है कि आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और सामान्य डीजल के खुदरा दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। बढ़ी हुई कीमत मुख्य रूप से औद्योगिक और थोक डीजल पर लागू की गई है, जिसका असर परिवहन, बिजली उत्पादन और उद्योगों की लागत पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं को भी महंगे पेट्रोल-डीजल का सामना करना पड़ सकता है।
बता दें कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भी ₹2.09 प्रति लीटर का इजाफा किया है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग शहरों में लागू की गई हैं और संशोधित दरें 20 मार्च, 2026 से प्रभावी हो गई हैं।







