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उत्तराखंड में फल और सब्जी उत्पादकों को मिलेगा आधुनिक कोल्ड स्टोरेज का लाभ, किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल

by Rajendra Joshi
August 5, 2026
in Dehardun, आपका शहर, उत्तराखंड, खबर हटकर, ट्रेंडिंग खबरें, सोशल मीडिया वायरल
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देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य के बागवानी और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए फल एवं सब्जी उत्पादकों को आधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य किसानों की उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखना, फसल खराब होने से होने वाले नुकसान को कम करना और उन्हें बेहतर बाजार मूल्य दिलाना है। पर्वतीय क्षेत्रों में सेब, कीवी, माल्टा, नाशपाती, आड़ू, प्लम और विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियों का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है, लेकिन पर्याप्त भंडारण सुविधाओं के अभाव में किसानों को अक्सर अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ती है। नई योजना से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है।

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बागवानी किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। हर वर्ष मौसम के अनुसार बड़ी मात्रा में फल और सब्जियां तैयार होती हैं, लेकिन कटाई के तुरंत बाद उचित भंडारण की सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बार उत्पाद खराब हो जाते हैं। किसानों को मजबूरी में स्थानीय मंडियों में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ती है। आधुनिक कोल्ड स्टोरेज बनने से किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख सकेंगे और बाजार में उचित समय आने पर बेहतर कीमत पर बेच सकेंगे।

प्रस्तावित योजना के तहत राज्य के प्रमुख कृषि और बागवानी क्षेत्रों के निकट आधुनिक कोल्ड स्टोरेज केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों में तापमान नियंत्रित भंडारण, ग्रेडिंग, पैकिंग और गुणवत्ता संरक्षण जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे उत्पादों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहेगी और उन्हें राज्य के बाहर तथा बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे उत्तराखंड के कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संभावित स्थानों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में फल और सब्जियों का उत्पादन अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सहकारी समितियों और निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है, ताकि परियोजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक कोल्ड स्टोरेज केवल भंडारण सुविधा नहीं है, बल्कि यह पूरी कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे फसल की बर्बादी कम होगी, किसानों की आय में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को भी पूरे वर्ष गुणवत्तापूर्ण फल एवं सब्जियां उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही कृषि आधारित छोटे उद्योगों, पैकेजिंग इकाइयों और परिवहन क्षेत्र को भी नई गति मिलने की संभावना है।

किसानों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि गांवों और उत्पादन क्षेत्रों के निकट कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध हो जाती है तो उन्हें अपनी उपज को औने-पौने दामों में बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी। इससे वे बाजार की मांग के अनुसार सही समय पर उत्पाद बेच सकेंगे और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। विशेष रूप से सेब, कीवी, मशरूम, टमाटर, गोभी और हरी सब्जियों के उत्पादकों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि और बागवानी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसके लिए भंडारण सुविधाओं के साथ-साथ बेहतर परिवहन, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले समय में यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो उत्तराखंड के फल और सब्जी उत्पादकों को राष्ट्रीय स्तर के बाजारों तक पहुंचने का बेहतर अवसर मिलेगा।

फिलहाल विभागीय स्तर पर योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। सरकार का प्रयास है कि चरणबद्ध तरीके से आधुनिक कोल्ड स्टोरेज केंद्र स्थापित किए जाएं, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके और राज्य की कृषि एवं बागवानी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त हो।

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