सोनम वांगचुक ने बताया कि उन्हें किस बात का डर था, जिसके लिए उन्होंने अपना अनशन तोड़ दिया.![]()
नई दिल्ली:26 दिन तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद अनशन खत्म करने को लेकर उठ रहे सवालों पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है. यूट्यूब पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यदि उन्हें किसी तरह की “डील” या “सौदा” ही करना होता, तो 26 दिन तक भूखा रहने, 11 किलो वजन कम करने और अपनी सेहत को गंभीर खतरे में डालने की जरूरत नहीं पड़ती. उन्होंने कहा कि अनशन की पवित्रता पर सवाल उठाना बेहद दुखद है.
सोनम वांगचुक ने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर 26 दिनों तक भूखे रहने के दौरान 11 किलो वजन कम हो गया. उन्होंने बताया कि उनकी मांसपेशियां कमजोर हो गईं और शरीर के कई अंगों के साथ दिमाग पर भी अपूरणीय नुकसान होने की स्थिति बन गई थी. उन्होंने कहा कि लद्दाख की ठंड से निकलकर दिल्ली की भीषण गर्मी में सड़क किनारे बैठकर यह अनशन किया. उन्होंने कहा कि अब जब तरल आहार लेना शुरू किया है, तब जाकर शरीर में थोड़ी ताकत वापस आई है.
क्या मुझे चरित्र प्रमाण पत्र देना होगा?:
वीडियो में वांगचुक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अनशन खत्म करने के बाद यह पूछा जा रहा है कि किसके हाथों अनशन तोड़ा, क्यों तोड़ा और किसी केंद्रीय मंत्री से क्यों नहीं तुड़वाया. उन्होंने कहा, “क्या मुझे किसी से चरित्र प्रमाण पत्र लेना होगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था? मुझे यह भी बताना होगा कि किसके हाथों अनशन तोड़ा और क्यों तोड़ा? क्या कोई डील हुई, क्या कोई सौदा हुआ?” सोनम वांगचुक ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर उद्देश्य किसी तरह का समझौता करना होता, तो आराम से किसी एयर कंडीशंड कमरे में बैठकर भी ऐसा कर सकता था. उन्होंने कहा, “अगर डील करनी होती तो क्या मुझे 26 दिन भूखा रहना पड़ता? क्या मैं दिल्ली की गर्मी में सड़क किनारे बैठकर डील करता? जो लोग ऐसा सोचते हैं, उन्हें खुद सोचना चाहिए कि क्या यह तर्कसंगत है.”
बिना पूरी जानकारी के आरोप न लगाएं
वांगचुक ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार फोन और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया जा रहा है कि अनशन खत्म करने को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग शायद पूरी परिस्थितियों से अनजान हैं, इसलिए ऐसी बातें कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले एक-दो सप्ताह मेरे और मेरे परिवार के लिए बेहद कठिन रहे हैं. इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले लोगों को पूरी पृष्ठभूमि जाननी चाहिए.
सवाल उठाने वाला कौन है
सोनम वांगचुक ने लोगों से अपील की कि किसी भी आरोप या टिप्पणी पर भरोसा करने से पहले यह जरूर देखें कि वह व्यक्ति कौन है. उन्होंने कहा कि यह भी समझना जरूरी है कि कहीं वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ा व्यक्ति तो नहीं है या फिर किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के कारण ऐसी बातें तो नहीं कह रहा. उन्होंने कहा कि यदि कोई निष्पक्ष व्यक्ति सवाल उठाता है तो वह उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे सवाल उनके पास भेजने की भी अपील की.
मेरी सद्भावना और सहानुभूति आज भी कायम है
वीडियो के अंत में सोनम वांगचुक ने कहा कि वह किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते. उन्होंने कहा कि जो लोग उन्हें गलत समझ रहे हैं, उनके प्रति भी उनके मन में सहानुभूति है. उन्होंने दोहराया कि जिन परिस्थितियों में अनशन समाप्त किया, उन्हें समझे बिना आरोप लगाना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि वह आगे भी लोगों के सवालों का जवाब देने की कोशिश करेंगे और उम्मीद करते हैं कि लोग पूरी सच्चाई जानने के बाद ही अपनी राय बनाएंगे.

