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मुख्यमंत्री ने नैनीताल को दी 96.71 करोड़ की योजनाओं की सौगात

by Rajendra Joshi
June 7, 2026
in देहरादून
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जनपद नैनीताल को 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी। जिसमें 67 करोड़ लागत की 6 योजनाओं का लोकार्पण एवं 29.71 करोड़ की 7 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा भीमताल क्षेत्र के विकास हेतु अनेक घोषणा की गई, जिसमें भीमताल में सैनिकों एवं व्यापारियों हेतु एक बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण, भीमेश्वर मंदिर एवं ओखलकांडा पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन में जोड़े जाने, रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखांन से मुक्तेश्वर मोटर मार्ग, जीप मार्ग का मिलान, रामगढ़ उप तहसील का शीघ्र संचालन किये जाने के साथ क्षेत्र में प्राधिकरण की समस्या के समाधान हेतु उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर समस्या का समाधान किया जाना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यहां की सुंदर झील, चारों ओर फैली हरियाली, पर्वतों की अद्भुत श्रृंखला और प्रकृति की अनुपम छटा हमें केवल आनंद का अनुभव ही नहीं कराती, बल्कि हमें ये भी याद दिलाती है कि प्रकृति और पर्यावरण ही हमारा वर्तमान भी है और भविष्य भी है। इसलिए इस प्रकृति और पर्यावरण को संरक्षित और सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल पौधे लगाने या औपचारिक कार्यक्रमों को करने का ही नहीं है, बल्कि आज का दिन आत्मचिंतन करने का भी दिन है। आज का दिन स्वयं से ये पूछने का अवसर है कि हम अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को कैसी धरती, कैसा पर्यावरण और कैसा भविष्य सौंपकर जाना चाहते हैं, क्या हम उन्हें स्वच्छ नदियाँ, हरे-भरे जंगल और शुद्ध वातावरण देंगे, या फिर प्रदूषण, जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों से भरा भविष्य देकर जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का पर्यावरण कैसा हो ये हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। क्योंकि अच्छा पर्यावरण न केवल हमारी पहचान है बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार भी है। उन्होंने कहा कि हम उस पवित्र भूमि के निवासी हैं जहाँ से माँ गंगा और यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियाँ निकलती हैं। जहाँ हिमालय केवल पर्वत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता का प्रहरी है और हम उस संस्कृति के वाहक हैं जिसने हजारों वर्षों पहले ही प्रकृति को पूजनीय माना और पूरी दुनिया को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया आज जिस पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, वह हमारी संस्कृति का हिस्सा हजारों वर्षों से रहा है। हमने नदियों को माँ कहा, वृक्षों को देवता माना, पर्वतों को पूजनीय माना और प्रकृति को जीवन का आधार माना।उन्होंने दुनिया में हो रहे जलवायु परिवर्तन को एक बड़ी चुनौती मानते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल वैज्ञानिकों की चर्चा का विषय नहीं रह गया है।

यह हमारे रोजमर्रा जीवन की वास्तविकता बन चुका है। बदलता मौसम, बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखते जल स्रोत, पिघलते ग्लेशियर और बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ हमें लगातार चेतावनी दे रही हैं। जलवायु परिवर्तन से हमारे जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं, हमारी खेती प्रभावित हो रही है, हमारी जैव विविधता प्रभावित हो रही है साथ ही साथ हमारे राज्य की आर्थिकी का मूल आधार पर्यटन भी प्रभावित हो रहा है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण हमारे लिए अति महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने विश्व को एक नई दिशा देने का काम किया है। उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। इसी सोच के साथ भारत प्रकृति भी और प्रगति भी के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी ने मिशन लाइफ के माध्यम से दुनिया को यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। जब करोड़ों लोग अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करने शुरू कर देते हैं, तब बड़े-बड़े परिवर्तन अपने आप संभव होने लग जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ किया गया एक पेड़ माँ के नाम अभियान भी केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। बल्कि ये भावनाओं से जुड़ा हुआ एक जनआंदोलन है।

Tags: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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