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पादप रोग प्रबंधन पर 21-दिवसीय विंटर स्कूल का शुभारम्भ

by Rajendra Joshi
March 10, 2026
in उधम सिंह नगर
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पंतनगर। 10 मार्च 2026। विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम जोकि पादप स्वास्थ्य प्रबंधन हेतु नवीन तकनीकियां एवं परंपरागत दृष्टिकोण नामक शीर्षक पर 21-दिवसीय विंटर स्कूल का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व विभागाध्यक्ष, पादप रोग विज्ञान विभाग एवं पूर्व संयुक्त निदेशक, मशरूम अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, पंतनगर डा. आर. पी. सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कृषि के क्षेत्र में निरंतर नये आविष्कार होते रहना चाहिए तथा उन आविष्कारों पर नित्य नये अनुसंधान भी होने चाहिए तथा उन अनुसंधानों को प्रचार प्रसार कर किसानों तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों को चाहिये कि वह किसानों की आवश्यकता के अनुसार अनुसंधान करें। कार्यक्रम में कार्यवाहक अधिष्ठाता कृषि डा. अनिल कुमार ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृशि की अत्याधुनिक तकनीकों व परम्परागत दृष्टिकोण का समावेश किया गया है। जोकि वर्तमान कृषि के परिपेक्ष्य में अत्यंत उपयोगी है। कृषि की नवीन तकनीकों में एआई का समावेश अत्यन्त उपयोगी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान कृषि के जो उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं उनकी गुणवत्ता कम होती जा रही है एवं मनुष्य के वर्तमान जीवन शैली के अनुसार इन उत्पादों का उपभोग मनुष्य के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। अतः यह कृषि वैज्ञानिकों के लिये चुनौती है कि किसानों तक इन जानकारियों को पहुंचाये तथा कृषि की नवीनतम एवं अत्याधुनिक तकनीकों को वर्तमान खेती में समावेश करवायें जिससे कि वर्तमान जीवन शैली के अनुसार गुणवत्ता युक्त उत्पाद बाजार में उपलब्ध हो सके।


कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष एवं निदेशक, उच्च संकाय प्रशिक्षण केन्द्र, पादप रोग विज्ञान विभाग डा. योगेन्द्र सिंह द्वारा प्रशिक्षणार्थियों एवं अतिथियों का स्वागत किया तथा विभाग में शोध, प्रसार एवं शिक्षा में वर्तमान में चल रही गतिविधियों से प्रशिक्षणार्थियों को अवगत कराया तथा पूर्व में विभाग के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों द्वारा किये उत्कृष्ट शोध कार्यों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा अदिति मैथानी द्वारा किया गया। धन्यवाद प्रस्ताव डा. शैलबाला शर्मा, प्राध्यापक, पादप रोग विज्ञान विभाग द्वारा ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम में विभाग के सभी वैज्ञानिकों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों सहित देश के छः राज्यों से आये 12 सहायक प्राध्यापक एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ ने प्रतिभाग किया।

विश्वविद्यालय में उत्पाद विकास, गुणवत्ता एवं सुरक्षा में मानकों की भूमिका विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित

पंतनगर। 10 मार्च 2026। विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में ‘उत्पाद विकास, गुणवत्ता एवं सुरक्षा में मानकों की भूमिका’ विषय पर एक बहु-विषयक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार का आयोजन बीआईएस कम्युनिटी साइंस स्टूडेंट चौप्टर द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विष्वसनीयता सुनिश्चित करने में मानकों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान वैष्विक एवं अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में उत्पादों की सफलता केवल उनके नवाचार और प्रदर्शन पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि स्थापित मानकों के अनुपालन पर भी आधारित होती है। मानक उत्पाद विकास की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाते हैं तथा उत्पादन के विभिन्न चरणों में गुणवत्ता, विष्वसनीयता और कार्यक्षमता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अतिरिक्त, मानकों का पालन उद्योगों के नियमों को पूरा करने, त्रुटियों को कम करने तथा उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने में भी सहायता प्रदान करता है। इस राष्ट्रीय सेमिनार में देशभर से शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी, शोधार्थी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने शोध कार्यों तथा विचारों को साझा किया। प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्रों को मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का चयन मूल्यांकन समिति द्वारा किया गया तथा उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किए गए। सेमिनार के अंतर्गत परिधान एवं वस्त्र मानक, उपभोक्ता संरक्षण एवं सुरक्षा मानक, सतत विकास से संबंधित मानक, खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण में मानकीकरण, खाद्य स्वच्छता एवं लेबलिंग मानक, संसाधन प्रबंधन के मानक तथा भारतीय बच्चों के विकासात्मक मूल्यांकन उपकरणों के मानकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. दीपा विनय के निर्देशन में आयोजित किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता, अधिष्ठात्री, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय डा. अल्का गोयल ने की। कार्यक्रम समन्वयक डा. एस. बी. सिंह, डा. साक्षी संयोजक तथा डा. नीतू डोभाल सह-संयोजक ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस सेमिनार ने सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को सुदृढ़ बनाने तथा मानकीकरण के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Tags: GB Pant University

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