काशीपुर: कोतवाली काशीपुर में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 551/2023 में नामजद अभियुक्त अनूप अग्रवाल को माननीय सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में दर्ज इस मामले में चल रही विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अन्य नामजद अभियुक्तों को धारा 41(क) सीआरपीसी के तहत नोटिस तामील कराया गया था, किंतु मुख्य अभियुक्त अनूप अग्रवाल पुलिस के समक्ष प्रस्तुत न होकर लगातार फरार चल रहे थे।
पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय से अभियुक्त के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी कराया गया। इसके पश्चात भी न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने पर धारा 82 एवं 83 सीआरपीसी के अंतर्गत उद्घोषणा एवं कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई गई।
उक्त कार्रवाई को चुनौती देते हुए अभियुक्त अनूप अग्रवाल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में उद्घोषणा निरस्तीकरण हेतु याचिका दायर की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद अभियुक्त की ओर से माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की गई।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता गौरव भाटिया तथा एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड सुदर्शन सिंह रावत ने प्रभावी एवं तार्किक ढंग से पक्ष रखा। न्यायालय ने प्रस्तुत तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त अनूप अग्रवाल की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया।
सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद अब अभियुक्त के विरुद्ध जारी उद्घोषणा एवं कुर्की की कार्रवाई यथावत प्रभावी रहेगी। पुलिस द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।








